जांजगीर-चांपा,23 अप्रैल 2021/कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने आज जिले मे संचालित निजी नर्सिंग होम संचालकों की बैठक में कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए समाज का हर वर्ग का योगदान महत्वपूर्ण है। संकट के ऐसे समय में चिकित्सा सेवाओं से जुड़ी निजी संस्थाएं की जिम्मेदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शासकीय चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारी भी कोरोना के जोखिम का सामना करते हुए मरीजों के जीवन बचाने में लगे हुए हैं। ऐसे उदाहरण भी सामने आए हैं जिसमें चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी अनेक बार संक्रमित होने के बाद भी मरीजों की सेवा में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
कलेक्टर ने निजी नर्सिंग होम संचालकों से कड़े शब्दों में कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार निजी नर्सिंग होम के 50 प्रतिशत बेड कोविड संक्रमित के उपचार के लिए आरक्षित किया जाएगा। जो भी नर्सिंग होम संचालक राज्य सरकार के निर्देशों की अवहेलना करेगा उनके खिलाफ एस्मा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नर्सिंग होम एक्ट के तहत निरीक्षण करवाया जाएगा। अपात्र होने पर सील की जाएगी। बंद पड़े नर्सिंग होम के संसाधनों का उपयोग भी किया जायेगा।
कलेक्टर ने कहा कि कोविड अस्पताल के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सामान्य मरीज और कोविड मरीज को अलग-अलग रखा जाएगा। इसके साथ ही आने जाने के लिए भी पृथक प्रवेश द्वार और निकासी की व्यवस्था करनी होगी। ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर जहां एक ही प्रवेश द्वार है वहां स्थाई रूप से पृथक प्रवेश द्वार की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा सामान्य मरीज और कोविड मरीज वार्ड के बीच में पार्टीशन रखना भी जरूरी है।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, एएसपी श्री संजय महादेवा, सीएमएचओ डाॅ एसआर बंजारे, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ पुष्पेंद्र लहरे सहित विभिन्न निजी नर्सिंग होम के संचालक एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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