सुनिल वर्मन@जांजगीर-चांपा(एचकेपी 24 न्यूज).शासकीय शालाओ का शिक्षा स्तर को ऊंचा करने शासन स्तर पर भिन्न-भिन्न प्रयास की जा रही है।लेकिन कुछ शिक्षक-शिक्षिका लापरवाही पूर्वक कार्य कर शासन के प्रयास को असफल बनाने मे लगे हुए है।शासन के प्रयास को शिक्षको एंव सफाई कर्मी व्दारा असफल बनाने के प्रयास करने का मामला मालखरौदा विकासखण्ड अंतर्गत आने वाला अडभार नगर मे सामने आया है।जहां तालाब किनारे संचालित होने वाला शासकीय नवीन प्राथमिक शाला मे आज शनिवार 23 नवम्बर को शाला खुलने का निर्धारित समय मे कोई भी शिक्षकगण एंव सफाई कर्मी समय पर शाला नहीं पहुंचे थे।
जबकि छात्र-छात्रा शनिवार को शाला खुलने के निर्धारित समय 7:30 बजे शाला पहुंच गए थे। कुछ बच्चे मुख्य दरवाजा के पास शिक्षकों के आने का इंतजार कर रहे थे,तो कुछ स्कूल परिसर में ही शिक्षकों की प्रतीक्षा कर रहे थे।सुबह करीब 8:30 बजे के स्थिति मे शाला के दरवाजा मे ताला लटके नजर आ रहा था।इस बार मेे चर्चा करने पर पालको ने शिक्षको के लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस शाला मे कार्यरत् शिक्षको के बच्चे भिन्न-भिन्न नीजी शालाओ मे पढते है।इसलिए हम लोगो के बच्चो पर वो लोग ध्यान नही देते है।जबकि हम लोगो के बच्चो को पढाने-लिखाने के नाम पर वेतन लेते है।हम लोगो के बच्चो को पढाने-लिखाने के नाम पर जो वेतन मिलता है।उसी वेतन के राशि का उपयोग अपने-अपने बच्चो के नीजी शाला मे पढाने-लिखाने का फीस भुगतान करने मे करते है।जो समाज मे सम्मान उनको मिलता है।वह हम लोगो के बच्चो को पढाने-लिखाने के नाम पर मिलता है।सब कुछ हम लोगो का बच्चो को पढाने-लिखाने के नाम पर मिलता है।उसके बावजूद शिक्षक-शिक्षिका हम लोगो के बच्चो को पढाने-लिखाने ध्यान नही दे रहे है।वो लोग शाला खुलने के निर्धारित समय पर शाला नही पहुंच रहे है।जबकि हमारे बच्चे शाला खुलने के निर्धारित समय पर शाला पहुंच जाते है।पालको ने आगे बताया कि शाला तालाब के किनारे पर है।ऐसे मे शिक्षको का लापरवाही बरतने के कारण कोई भी बच्चा कभी भी तालाब मे गिर कर डूब सकता है।पालको ने सुधार हेतु अधिकारियो से लापरवाही पूर्वक कार्य करने वाले शिक्षको के खिलाफ उचित कार्रवाही करने का मांग किया है।
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