जांजगीर-चांपा(एचकेपी 24 न्यूज)।किसानों को आत्म निर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक योजना प्रारंभ की जा रही है। जिले के लगभग साढ़े तेरह हजार तालाबों में मछली पालन की संभावना को देखते हुए। जिले में तीसरा मछली बीज उत्पादन केन्द्र (फिशरिंग यूनिट) मालखरौदा तहसील के ग्राम चरौदा में तैयार की जा रही है। कलेक्टर श्री नीरज कुमार बनसोड़ ने चरौदा के निर्माणाधीन फिशरिंग यूनिट का निरीक्षण किया। यूनिट के विभिन्न ईकाइयों नर्सरी, हेचरी, जलस्त्रोत, पानी स्टोरेज टैंक, स्टाफ क्वाटर आदि का निरीक्षण कर तय समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सतत् माॅनिटरिंग के लिए भी कहा है।असिस्टेंट डायरेक्टर फिशरी श्री एस एस कंवर ने बताया कि यूनिट के प्रारंभ होने से मालखरौदा, डभरा, सक्ती, जैजैपुर विकासखण्ड क्षेत्र के मछली पालन करने वाले किसानों को मछली बीज के लिए जांजगीर कुलीपोटा अथवा रायगढ़ जिला नहीं जाना पड़ेगा। किसानों को स्थानीय स्तर पर ही बीज उपलब्ध होने से परिवहन खर्च व बीज के नष्ट होने की जोखिम कम होगी। श्री कंवर ने बताया फिशरिंग यूनिट का निर्माण एक करोड़ 79 लाख 34 हजार रूपए की लागत से कुल 25 एकड़ में किया जा रहा है। जिसमें 1.6 हेक्टेयर में 4 ब्रुडर पाउण्ड, 2.8 एकड़ में रिरिंग पाउण्ड 14 नग, एक पैकिंग शेड कम चाकिदार कक्ष, गोदाम एक, कल्चर हेचरी 9 नौ नग, वाचिंग टावर, औव्हरहेड टैंक और स्पान रिसिविंग पुल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस यूनिट से स्पान उत्पाद 300 लाख और स्टेफ्राई उत्पादन 50 लाख नग प्रतिवर्ष होगा। इससे करीब 2000 हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही 08 लाख रूपए प्रतिवर्ष विभागीय आय भी होगी। निरीक्षण के दौरान मालखरौदा जनपद के सीईओ, सहायक फिशरी अधिकारी श्री ओगरे व मछली विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
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