जांजगीर-चांपा(एचकेपी 24 न्यूज)।कलेक्टर श्री नीरज कुमार बनसोड़ ने कहा है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए राज्य शासन द्वारा नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए इसका संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है। कलेक्टर श्री बनसोड कल जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों, सभी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और सरपंचों एवं ग्राम पंचायत के सचिवों की बैठक में यह बात कही।कलेक्टर श्री बनसोड़ ने कहा कि राज्य शासन द्वारा गांवों में मौजूद संसाधनों का बेहतर प्रबंधन के लिए नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना लागू की गई है। इन योजनाओं से गांवांे में और अधिक समृद्धि आयेगी। उन्हांेने इन योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी क्षमता के साथ करने के लिए संबंधित अधिकारियों और संरपंच और ग्राम पंचायत सचिवों से कहा । उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता आपसी समन्वय और तालमेल पर निर्भर होता है। उन्होने अधिकारियों और ग्राम पंचायत सरपंचों केा आपसी समन्वय और तालमेल बनाकर योजना को मूर्तरूप देेने की बात कही। बैठक में उन्होने कहा कि मवेशियों के आश्रय स्थल के लिए जिले में 22 करोड़ 24 लाख 49 हजार रूपये की राशि से विभिन्न विकासखण्डों में चिन्हांकित क्षेत्रों में गौठान का निर्माण किया जा रहा है। गौठान के समीप मवेशियों के लिए चारागाह का विकास एवं पानी का बेहतर प्रबंध किये जाने तथा उनकी देख-रेख के लिए चरवाहा समिति का गठन किया गया है। इससे गौवंशी पशुधन में वृद्धि होगी। इसी तरह उन्होंने घुरवा और बाड़ी को वैज्ञानिक तरीके से तैयार कर लोगों के आय में इजाफा करने की भी निर्देश दिये। बैठक में उन्होंने परम्परागत जल स्त्रोंतो के रख-रखाव और सुदृढ़ीकरण करने के भी बात कही। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ श्री अजीत वसंत, सहायक कलेक्टर एवं चांपा अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री राहुल देव, अपर कलेक्टर श्रीमती लीना कोसम, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और विभिन्न ग्रामों के सरपंच एवं ग्राम पंचायत सचिव मौजूद थे।
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