जांजगीर-चांपा(एचकेपी 24 न्यूज)।ग्रीष्म काल में ग्रामीणों को निस्तारी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कोरबा जिले में स्थित हसदेव बांगो डेम से नहरों में पानी छोड़ा गया है। कलेक्टर श्री नीरज कुमार बंसोड़ ने नहरों से मिलने वाले पानी को निस्तारी तालाबों में भरने के निर्देश दिये हैं। आमजनों से भी अपील की है कि नहरों से मिलने वाले पानी का सदुपयोग करें। पानी की व्यर्थ बहने की स्थिति में जल संसाधन विभाग अथवा जिला कार्यालय को सूचित करें। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को भी नहरों की सुरक्षा की संबंध में निर्देश दिये हैं। हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग जांजगीर के कार्यपालन अभियंतो श्री बीपी सिंह ने बताया कि हसदेव दायीं तट नहर से 1700 क्यूसेक और बांयी तट नहर से 800 क्यूसेक जल की मात्रा प्रवाहित कर जिले के 613 गांवों के 1391 तालाबों को भरा जा रहा है। उन्होंने बताया कि हसदेव बायीं तट नहर से जनवरी 2019 से ग्रीष्म कालीन और रबी फसल के लिए विकासखण्ड अकलतरा, पामगढ़ एवं नवागढ़ क्षेत्र में जलप्रवाह निरंतर जारी है। उन्होने बताया कि विकासखण्ड सक्ती के 103 ग्रामों के 198 तालाबों, डभरा के 57 ग्रामों के 87 तालाबों, मालखरौदा के 84 ग्रामों के 135 तालाबों, जैजैपुर के 102 ग्रामों के 197 तालाबों, बम्हनीडीह के 18 गांव के 23 तालाबों, अकलतरा के 56 गांवो के 133 तालाबों, पामगढ़ के 65 ग्रामों के 165 तालाबों नवागढ़ के 113 ग्रामों के 395 तालाबों और विकासखण्ड बलौदा के 15 गांवों के 58 तालाबों को भरने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि मिनीमाता (हसदेव) बांगों परियोजना के दायीं तट एवं बायीं तट नहर प्रणाली से जल प्रवाहित किये जाने पर भीषण गर्मी के कारण तालाब एवं अन्य जलस्त्रोतों के भूजल स्तर में वृद्धि होगी साथ ही पेय जल और निस्तारी की समस्याएं दूर होगी।
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