जांजगीर-चांपा(एचकेपी 24 न्यूज)।कृषि विज्ञान केन्द्र में पदस्थ महिला कृषि वैज्ञानिक ने अपने विभाग प्रमुख पर अश्लील आरोप लगाया है। महिला वैज्ञानिक का आरोप है कि विभाग प्रमुख उसे न केवल प्रताड़ित करते हैं बल्कि, विभिन्न तरीके अपनाकर मानसिक रूप से परेशान भी करते हैं। महिला कृषि वैज्ञानिक ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से करते हुए प्रभारी वैज्ञानिक खेमादास महंत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।महिला कृषि वैज्ञानिक ने शिकायत लिया है कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2016 से कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर में कृषि वैज्ञानिक के पद पर है, जहां विभाग के प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक पद पर खेमादास महंत पदस्थ हैं। इनके द्वारा कई बार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर अपशब्दों का प्रयोग किया गया है। महिला कृषि वैज्ञानिक का आरोप है कि वे जब भी अकेली रहती हैं, तब प्रभारी अधिकारी महंत द्वारा अपशब्दों का उपयोग करते हुए भद्दी टिप्पणी की जाती है।बीते 11 अप्रैल को भी प्रभारी अधिकारी ने स्टॉफ के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए योग्यता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया और विश्वविद्यालय प्रबंधन से बोलकर अन्यत्र स्थानांतरण करवाने की धमकी भी दी। साथ ही यह भी कहा कि इसकी शिकायत जहां करनी है कर दो, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। इस धमकी से क्षुब्ध होकर महिला कृषि वैज्ञानिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ ही पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।महिला कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि पूर्व में भी विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रभारी अधिकारी की सामूहिक शिकायत की गई थी। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं किया।जिसके कारण पुलिस अधीक्षक से इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि कृषि विज्ञान केन्द्र में कई महिला कर्मचारी कार्यरत हैं।इसके बावजूद यहां सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप विशाखा कमेटी का गठन नहीं किया गया है। इस वजह से यहां कार्यरत् महिला कर्मचारियों को पुरूष कर्मचारियों के अत्याचार को सहना पड़ रहा है।
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