रायगढ़(एचकेपी 24 न्यूज)।भविष्य के निर्माता कहे जाने वाले दो शिक्षकों पर स्कूली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। इस खबर के बाद गांव वालों ने स्कूल में हल्ला बोल दिया था। शिकायत डीईओ तक पहुंची। इसके अलावा कलेक्टर के भी संज्ञान में इस तरह का मामला आया। मामले में आंतरिक महिला उत्पीड़न समिति के द्वारा जांच कराई गई तो शिकायत सही साबित हुई। डीईओ आरपी आदित्य और जिला पंचायत सीईओ ने दोनों शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है। आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।पुसौर तहसील अंतर्गत बुनगा मिडिल स्कूल में पंचायत शिक्षक विजय कुमार चौहान और सहायक शिक्षक श्यामलाल प्रधान पर छात्राओं के साथ छेड़खानी का आरोप लगा था। पीडि़ता छात्राओं के मुताबिक करीब 10 दिन पहले दोपहर के वक्त दोनों शिक्षकों ने कम्प्यूटर सिखाने की बात कहकर कार्यालय में बुलाया। करीब घंटेभर तक कार्यालय का दरवाजा बंद कर पहले छात्राओं से अश्लील हरकत करने लगे फिर अनाचार का प्रयास किया। इसके बाद जान से मार देने की बात कहकर धमकी देने लगे। अपने गुरू जन की इस हरकत से छात्राएं सदमे में रहीं। फिर हिम्मत कर परिजन को बताई।गांव में भी इसकी खबर फैली और गांव वालों ने स्कूल में पहुंचकर हंगामा मचाया। इस मामले में शिकायत होने के बाद डीईओ ने जांच टीम का गठन किया। आंतरिक महिला उत्पीड़न समिति के सदस्यों ने जांच में आरोप सही पाया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है।पुलिस के महिला अफसरों ने पीड़ित छात्रा का बयान लिया, इसमें उन्होंने बताया कि शिक्षक ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया है। पूर्व में भी वह अश्लील हरकत कर चुका है, लेकिन शिक्षक के डराने और धमकाने के चलते वे हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। पिछले हफ्ते हुई हरकत को छात्राओं ने अपने क्लास की कुछ सहेलियों के साथ शेयर किया। उन्होंने हिम्मत दी और वो अपने परिजनों को पूरा मामला बता सकी।जिले में लगातार शिक्षकों की ओछी हरकतें सामने आ रही हैं। दो साल में लगभग आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आए हैं। शिक्षा विभाग में भी अब शिक्षकों के चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। शिक्षा विभाग ऐसी मानिटरिंग की व्यवस्था बनाए, जिसमें शिक्षकों की हरकत और चाल चलन पर पैनी नजर रखी जाए। छात्राओं से लगातार शिक्षक को लेकर फीडबैक लिया जाए।महीनेभर पहले विजय कुमार चौहान और श्यामलाल प्रधान अन्य छात्राओं से अश्लील हरकत की थी। तब उन्होंने छात्रा के परिजनों से माफी मांग ली थी। ऐसे में बात थाने तक नहीं पहुंची। गांव के सरपंच सहित प्रमुखों ने तब भी शिक्षक को हिदायत दी थी, पर शिक्षको की हरकत लगातार जारी रही।
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