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मलकानगिरी-Online Game PUBG ने ली एक और छात्र की जान, तेलंगाना में 10वीं के छात्र ने की आत्म हत्या…

मलकानगिरी(एचकेपी 24 न्यूज)।तेलंगाना के मलकानगिरी जिले में मेडचल के 10वीं कक्षा के एक छात्र ने कल कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बच्चे के माता-पिता ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे को एसएससी की तैयारी करने के लिए कहा था। इस दौरान बच्चा ऑनलाइन गेम पबजी खेलने लगा, जिससे नाराज होकर उसके माता-पिता ने उसे डांटा था। जिससे क्षुब्द होकर बच्चे ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।आपको बता दें कि पिछले महीने गुजरात के राजकोट में मोबाइल पर पबजी गेम खेलने के आरोप में दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। गुजरात पुलिस ने 6 मार्च को नोटिस जारी किया था जिसमें में ‘पबजी’ और ‘मोमो चैलेंज’ जैसे ऑनलाइन गेम्स को शहर में खेलने पर प्रतिबंध लगाया था।आनलाइन गेम ‘पबजी’ गुजरात के कुछ जिलों में बैन है। इसके पीछे का कराण देते हुए पुलिस ने कहा कि इससे बच्चों और युवाओं में हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार, आचरण और भाषा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वास्तव में पबजी एक वर्चुअल युद्ध गेम है। जिसमें काल्पनिक युद्ध क्षेत्र में आपको लोगों को मार कर जिंदा रहना पड़ता है। इसका असर बच्चों के साथ व्यस्कों पर भी पड़ रहा है। लगातार युद्ध के माहौल में रहने से बच्चों में हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है।राजकोट पुलिस ने निर्देश जारी किया था कि कोई भी व्यक्ति अगर शहर में ऐसे गेम्स खेलते हुए पाए जाएगा तो उसकी गिरफ्तारी होगी। बाद में पुलिस ने गिरफ्तार युवकों को जमानत पर रिहा कर दिया था।पबजी गेम खेलने से मना करने पर 25 वर्षीय बेटे ने सरेआम मां-बाप की पिटाई कर दी। बेटा पूरा दिन मोबाइल पर पबजी गेम खेलता था। मां-बाप को उसकी चिंता होने लगी थी। दोनों अपने बेटे को पबजी गेम खेलने से मना करते थे। जिसके कारण उसने अपने मां-बाप को पूरे मोहल्ले में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मोहल्ले वालों ने बीच में पड़ कर मां-बाप की जान बचाई।इस बार बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने से पहले ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान जब पीएम नरेंद्र मोदी से यह ऑनलाइन गेम्स पर बच्चों की बढ़ती जिज्ञासा को लेकर सवाल पूछा गया कि बच्चों को ऑनलाइन मोबाइल गेम से कैसे दूर रखें, तो पीएम ने कहा- ये पबजी वाला है क्या? उन्होंने कहा कि बच्चों को तकनीक से दूर नहीं रख सकते। ऑनलाइन गेम समस्या भी है और समाधान भी। बच्चे प्ले-स्टेशन से प्ले-ग्राउंड की ओर जाएं। इसमें माता-पिता बच्चों को तकनीक की सही जानकारी दें।

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