धमतरी(एचकेपी 24 न्यूज)।ग्राम बरपदर में लोगों को आज शासन की योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। इसके चलते यहां के ग्रामीणों को बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। इसका खामियाजा यहां नौनिहालों को भुगतना पड़ा रहा है। वे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए यहां के ग्रामीण नांव पर सफर कर लाते हैं। ग्रामीण भोजलाल ने बताया कि ग्राम में शिक्षा विभाग का एक प्राथमिक विद्यालय था, जिसे शिक्षा विभाग द्वारा बच्चे की कमी बताते हुए बंद कर दिया गया। ऐसे में हमारे बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणो ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा यहां बेहाल है।जिला मुख्यालय से करीब 90 किमी दूर ग्राम पंचायत बेलरबहारा के आश्रित ग्राम बरपदर मूलभूत समस्याओं से वंचित हैं। ग्रामीणों की मुख्य समस्या सड़क है, जहां आज आजादी सात दशक के बाद भी ग्रामीण पगडंडी व पहाड़ी रास्ते पर चलने विवश हैं। बारिश के दिनों में तो रास्ता भी बंद हो जाता है। ऐसे में यहां ग्रामीण सोंढूर डैम में नाव से सफर करते हैं।सड़क नहीं होने के कारण यहां के ग्रामीण बारिश के दिनों में नाव पर सफर कर राशन सामान लाते हैं। एक बार नाव डैम में डूब जाने के कारण एक ग्रामीण की मौत हो गई। ग्राम में पेयजल की सुविधा नहीं थी। ग्रामीण सोंढूर डैम के पानी से प्यास बुझा रहे थे। फिर मीडिया में यह खबर आई तो प्रशासन ने ग्रामीणों को हैंडपंप नसीब हुआ। उस हैंडपंप से भी पानी रूक-रूक कर आता है।महिला बाल विकास विभाग की अनदेखी के चलते यहां गर्भवती महिलाओं को पोषण अाहार नहीं मिलता। इसके चलते बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। उप स्वास्थ्य केंद्र बेलरबहारा है। यहां से भी महिला व पुरूष स्वास्थ्य कर्मचारी ग्राम में समय पर गर्भवती महिलाओं व बच्चों की जांच को करने नहीं आते। ग्रामीण महिला का कहना है,कि 25 दिन पहले डिलीवरी हुआ, जिसने युवक को जन्म दिया जो कुपोषण का शिकार है। इसकी जानकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में कई बार दी गई, मगर जांच करने आज तक कोई नहीं आया। उन्होंने कहा कि हमारी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं कि शहर जाकर इलाज करवा सकें या सरकार की चिरायु योजनाओं का लाभ ले सकें। ग्राम पटेल ने बताया कि शासन-प्रशासन से कई बार सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं, मगर रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र के कारण सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में हमारी परेशानियों को देखते हुए फॉरेस्ट विभाग को ही सड़क निर्माण कार्य करना चाहिए। हमें सड़क से मतलब चाहे कोई भी बनाए।
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