कोरिया(एचकेपी 24 न्यूज)। जिले के सिटी कोतवाली बैकुंठपुर में एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है, जिसे सुनकर लोगों को यकीन ही नहीं होगा. दरअसल मुख्य मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय बैकुंठपुर में 10 साल पहले मृत भूस्वामी का पट्टा प्रस्तुत कर आरोपी की जमानत कराने का मामला सामने आया है. वहीं जमीन के सरकारी दस्तावेज में जमानतदार के नाम पर जमीन दर्ज तक नहीं है. इस मामले में सिटी कोतवाली बैकुंठपुर में धोखाधड़ी के तहत अपराध दर्ज कराया गया है.मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बैकुंठपुर के प्रस्तुतकार नवल प्रसाद यादव ने कोतवाली पुलिस को एक आवेदन सौंपा है. आवेदन में लिखा गया है कि 27 दिसंबर 2018 को थाना चरचा के किशोर न्याय अधिनियम के आरोपी अरविंद कुमार के मामले में आरोपी की जमानत गया प्रसाद पिता काशी राम बारगाह बसदेवपुर द्वारा दस हजार रु की जमानत ली गई थी. ऋण पुस्तिका व आधार कार्ड का सत्यापन कराने पर जमानतदार गया प्रसाद की 10 साल पहले मौत होना पाया गया है.वहीं भूमि खसरा नंबर 141 रकबा 1.0 84 नारायण सिंह, शिव नारायण जेठ पिता गया प्रसाद के नाम में दर्ज है. मतदाता पहचान पत्र व अन्य विवरण में समानता नहीं होने से आधार कार्ड सत्यापन नहीं हुआ है. मतदाता परिचय पत्र में गया प्रसाद अहीर पिता ब्रजराज अहीर दर्ज है. यह व्यक्ति ही जमानतदार के रूप में खड़ा होना प्रतीत होता है. इस आवेदन पर आरोपी के विरुद्ध कोतवाली बैकुंठपुर में धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है.
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