जांजगीर-चांपा(एचकेपी 24 न्यूज)।डीईओ दफ्तर में कुर्सी का विवाद आखिरकार शनिवार को थम गया। कोर्ट से स्टे लाने के बाद कलेक्टर नीरज कुमार बनसोड़ ने उन्हें विधिवत ज्वाइनिंग करा दी है। वहीं केएस तोमर की कुर्सी पेंडुलम की तरह हो गई है। लगातार एक सप्ताह तक उठापटक के बाद डीईओ डीके कौशिक ने विधिवत काम करना शुरू कर दिया है।डीईओ आफिस जांजगीर में डीईओ की कुर्सी को लेकर विवाद सप्ताह भर बाद थम गया। राज्य शासन से नियुक्त केएस तोमर के बजाय अब डीके कौशिक डीईओ रहेंगे। क्योंकि कोर्ट का आदेश सर्वोपरी माना गया है। गौरतलब है कि डीके कौशिक का तबादला बस्तर हो गया था। इसके बाद जांजगीर डीईओ तोमर को बनाया गया था। इधर डीके कौशिक अपने स्थानांतरण को लेकर हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने उन्हें स्टे दिया था।स्टे पाने के बाद वे आफिस पहुंचे लेकिन यहां केएस तोमर पदस्थ थे। जिसके चलते जिले में दो-दो डीईओ हो गए थे। जिससे विवाद बढ़ गया था। विवाद इसलिए गहरा गया जब डीके कौशिक ने दफ्तर में खुद ताला जड़ दिया था। वहीं तोमर इधर-उधर भटक रहे थे।आखिरकार गेंद कलेक्टर के पाले में था। कलेक्टर ने इस दौरान निर्वाचन आयोग से राय ली। शनिवार को निर्वाचन आयोग ने अपनी राय देते हुए डीईओ डीके कौशिक को ही डीईओ के पद पर बने रहने का आदेश दिया। अब डीईओ तोमर के लिए असमंजस भरा समय हो गया, क्योंकि अब उनकी कुर्सी कहां होगी और कहां बैठेंगे यह कठिन सवाल है। उनका वेतन कहां से निकलेगा यह भी असमंजस भरा सवाल होगा।
HKP24News Online News Portal