जांजगीर-चांपा(एचकेपी 24 न्यूज)।माध्यमिक शिक्षा मंडल ने लापरवाही बरतने वाले 18 शिक्षकों को इस साल मूल्यांकन कार्य से बाहर कर दिया है। इसमें से पांच शिक्षक के लिए अक्टूबर 2017 में आदेश जारी किया गया था। 2017 में बैन किए गए शिक्षकों को इस बार भी उत्तरपुस्तिका की जांच में शामिल नहीं किया जाएगा।गौरतलब है कि मार्च के 29 तारीख तक माशिमं के कक्षा 10 वीं व 12 वीं के बोर्ड परीक्षा खत्म हो जाएगी। इसके पहले ही उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन शुरू किया जाएगा। जिसे लेकर माशिमं ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले में कक्षा 10 वीं व 12 वीं के विभिन्न विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच को लेकर शाउमावि क्रमांक एक जांजगीर को केन्द्र बनाया गया है।मूल्यांकन केन्द्र के प्रभारी एसव्ही शर्मा ने बताया कि 25 मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू किया जाएगा। ओपन स्कूल परीक्षा की वजह से मूल्यांकन कार्य 12 बजे दोपहर से शुरू किया जाएगा। बीते वर्ष मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को बोर्ड ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है।ऐसे लापरवाही करतने वाले शिक्षकों में जीपी सूर्यवंशी, एसआर साहू, कौसल प्रसाद खरे, एमएम तिर्की, देवकुमार कश्यप शामिल थे। इसी तरह 2018 में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों में गायत्री भारद्वाज, लक्ष्मी कांता अग्रवाल, पनाराम यादव, राकेश कुमार उपाध्याय, राघवेन्द्र शर्मा, नीलकमल सिंह कंवर एवं आरपी टोंडे शामिल थे। माशिमं द्वारा जारी आदेश में जांजगीर जिले से इस साल बम्हनीडीह ब्लाक से बिंदु पाली, प्रदीपन कुमार चौरसिया, अकलतरा ब्लाक से मानसाय यादव, सुखसागर केसकर, जैजैपुर ब्लाक से बुधेलाल पोर्ते एवं मालखरौदा ब्लाक से मंगलदास साहू शामिल हैं। मूल्यांकन को लेकर गंभीरता बरती जाती है। अफसर भी इसकी मॉनीटरिंग करते रहते हैं। मूल्यांकनकर्ताओं को मोबाइल ले जाना मना है। समयावधि में मूल्यांकन कार्य पूर्ण किया जाना है जिसके कारण शिक्षकों को मूल्यांककार्य से मुक्त नहीं किया जाएगा।प्रारंभ में हायर सेकेंडरी के उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन होना है। व्यवस्था के हिसाब से हाई स्कूल का भी मूल्यांकन किया जा सकता है। इस बार एक लाख से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की जाएगी।
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