कोरबा(एचकेपी 24 न्यूज)।पति की मौत के बाद पत्नी ने उसे मुखाग्नि देकर अपना धर्म निभाया। मृतक की दो पुत्रियां हैं और दोनों नाबालिग हैं। इसलिए परिवार की मुखिया होने के नाते पत्नी ने अंतिम संस्कार को पूरी रीति नीति से संपन्न कराया।खबर है कोरबा की, एक महिला पिंकी भारत ने अपने पति की चिता को मुखाग्नि देकर अपना कर्तव्य पूर्ण किया। एक हादसे में जब इसके पति ओम प्रकाश की मौत हुई तो परिवार का कोई जिम्मेदार सदस्य मुखाग्नि देने सामने नहीं आया। पत्नी की भी हिम्मत शुरुआत में जवाब दे रही थी लेकिन धर्म का पालन करना था। लिहाजा उसने यह कठिन निर्णय लिया कि वही अपने पति को मुखाग्नि देगी। संवेदनशीलता की पराकाष्ठा थी कि लकड़ियों के बीच लेटे पति को पत्नी आग के हवाले करे। अंतिम संस्कार करवाने वाले पंडित को भी इसकी जानकारी नहीं थी। मूलतः बांकी मोंगरा निवासी ओम प्रकाश आमरैयापार में रहता था। ओम ओरकाश हादसे का शिकार हो गया। जब वह सिगड़ी में केरोसिन डाल रहा था, उसने सोचा कि कोयला बुझा हुआ है और उसने जैसे ही केरोसिन डाला, आग की तेज लपटें उठी और वह गंभीर रूप से झुलस गया। बिलासपुर रायपुर में इलाज करवाने के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।बताया जा रहा है कि मृतक के भाई अच्छे पदों पर काबिज हैं। उन्हें इसकी सूचना भी दी गई लेकिन वह अपनी व्यस्तता का हवाला देकर अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। किसी पत्नी के लिए अपने पति को मुखाग्नि देना बेहद कष्टकारी होता है। अक्सर पत्नी की मौत के बाद पति मुखग्नि देते हैं। ऐसा लाखों में एक होता है पति को जब उसने अपने हाथों से मुखाग्नि दी। इस दौरान खड़ी उसकी बेटियां तो सिसक ही उठी थीं, साथ ही अंतिम क्रिया में शामिल होने वाले भी अपना आंसू नहीं रोक पाए।
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