रायपुर(एचकेपी 24 न्यूज)।छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में साल 2005-06 में विधानसभा में हुई सहायक मार्शलों की नियुक्ति को रद्द कर दिया है. छग विधानसभा में विज्ञापन प्रक्रिया का पालन किए बिना 2005-06 में सहायक मार्शल के पद पर 7 लोगों की नियुक्ति कर दी गई थी औऱ पहले विज्ञापन के बाद इंटरव्यू तक पहुंचे लोगों को नौकरी से वंचित कर दिया गया था.इस मामले में अनिल द्विवेदी सहित अन्य लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. हाईकोर्ट ने सभी आठ सहायक मार्शलों की नियुक्तियों को संविधान के खिलाफ पाया, जिसके बाद नियुक्ति रद्द करने का आदेश दिया. जस्टिस पी. सैम कोसी की सिंगल बेंच द्वारा गुरुवार को जारी आदेश में कहा है कि सभी आठ मार्शलों की नियुक्ति संविधान प्रक्रिया के विपरीत पाए जाने पर निरस्त की जाती है. इस मामले में अनिल कुमार द्विवेदी और दो अन्य व्यक्तियों ने वकील प्रतीक शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत अपनी याचिका में कहा था कि वर्ष 2001 में जारी हुए विज्ञापन के तहत छत्तीसगढ़ विधानसभा में मार्शलों की भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में उन्होंने भाग लिया था. सफल हाेने के बाद याचिकाकर्ताओं का साक्षात्कार भी हुआ था. साक्षात्कार के बाद उन्हें शीघ्र नियुक्ति आदेश नहीं मिला.
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