रायपुर(एचकेपी 24 न्यूज)।छत्तीसगढ़ के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में एक मई से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। इस दौरान यदि किसी भी निजी स्कूल ने कक्षाएं लगाई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार से सम्बद्घ स्कूलों के लिए यह फरमान शिक्षा विभाग ने जारी कर दिया है। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को मापदंडों के अनुसार स्कूल संचालित कराने के निर्देश दिये गये हैं। हालांकि स्कूलों के शिक्षकों के लिए यह अवकाश उतना कारगर नहीं होगा। दरअसल , अवकाश के दौरान दाखिले की प्रक्रिया चलेगी। एक तरफ शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत भी दो मई को लॉटरी निकालनी है इसके लिए सभी नोडल प्राचार्यों को सतर्क रहना पड़ेगा।राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में 16 जून से प्रवेश उत्सव मनाने की तैयारी है। प्रदेश में अकेले स्कूल शिक्षा विभाग के 31 हजार 78 प्रायमरी, 13348 मिडिल , 1933 हाई स्कूल और 2715 हायर सेकंडरी स्कूल संचालित हैं। प्राइमरी और मिडिल स्कूल में करीब 37 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। पहली कक्षाओं में दाखिला दिलाने के लिए भी जिला शिक्षा अधिकारी विशेष अभियान चलाएंगे।राज्य के 292 अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के लिए दाखिले की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू हो जाएगी। रायपुर के डीईओ जीआर चंद्राकर ने इसके लिए प्लान तैयार कर लिया है। उनके मुताबिक आसपास के पालकों तक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक दाखिला स्कूलों में दिलाया जा सके।इधर , कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों का बेसलाइन टेस्ट हो चुका है , इनका परिणाम 30 मई तक आएगा। इसके बाद इस बार जून में बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष फोकस होगा। खासकर 10वीं-12वीं के पूरक और फेल छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं लगाई जा सकती है। डीईओ जीआर चंद्राकर ने बताया कि निर्देश के अनुसार एसएलए के अंतर्गत वर्तमान में कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक की उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन काम किया जा रहा है। इसके साथ-साथ ही डाटा प्रवृष्ठि भी जारी है। उन्होंने बताया कि जिन शिक्षकों को डाटा प्रवृष्ठि के काम में लगाया गया है उन्हें अनुपातिक अर्जित अवकाश पात्रता होगी।
HKP24News Online News Portal