सुकमा(एचकेपी 24 न्यूज)। छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक संवेदनशील नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में एक बार फिर शासन की पुनर्वास नीति और कम्युनिटी पुलिसिंग से प्रभावित पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। अब इन नक्सलियों ने हथियार छोड़कर शांति और खुशहाली का रास्ता चुना है।आत्म समर्पण करने वालों में तीन पुस्र्ष और एक महिला नक्सली शामिल हैं। पांचों ने गुस्र्वार को जिले के कोंटा थाने में पहुंचकर थाना प्रभारी के समझ आत्म समर्पण किया। आत्म सर्मण करने वाले नक्सली अपहरण, पुलिस जवानों पर फायरिंग जैसे कई मामलों में शामिल रहे हैं। इनके नाम कवासी देवा, कवासी हिड़मा, कवासी हड़मा, कवासी जोगी और दिरदो आयता बताया गया है।जानकारी के मुताबिक यह सभी माओवादी बटेर गांव के रहने वाले हैं और नक्सल संगठन में लंबे समय से सक्रिय थे। नक्सलियों ने कोंटा थाने आकर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी चंद्रेश ठाकुर, थाना प्रभारी शरद सिंह के समक्ष समर्पण किया।थाना प्रभारी शरद सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत बेहतर काम हो रहे हैं। दूसरी तरफ नक्सलियों की दमनकारी नीति से उनके संगठन में असंतोष पनप रहा है। ऐसी स्थिति में नक्सल संगठन में काम रहे लोगों का मोह भंग हो रहा है और वे समाज की मुख्य धारा की तरफ स्र्ख कर रहे हैं। जो भी नक्सल संगठन सदस्य आत्म समर्पण के लिए पुलिस के पास आ रहे हैं, उन्हें पूरी सुरक्षा और सहयोग दिया जा रहा है। शासन की पुनर्वास नीति का भी इन्हें लाभ दिया जा रहा है।
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