नई दिल्ली(एचकेपी 24 न्यूज)।पिछले एक महीने से बॉर्डर के आर-पार से जारी तनाव के बीच आज दोनों देश करतारपुर गलियारे को लेकर बातचीत की मेज के आमने सामने होंगे। भारत और पाकिस्तान करतारपुर गलियारा बनाने के लिए तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के वास्ते गुरुवार को पहली बार मिलेंगे। यह गलियारा पाकिस्तानी शहर करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारतीय पंजाब के गुरदासपुर जिले से जोड़ेगा। इस परियोजना पर दोनों देशों द्वारा सहमति जताने के तीन महीने बाद यह बैठक हो रही है।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह बैठक अटारी-वाघा सीमा पर भारत की तरफ होगी और नयी दिल्ली, इसमें पाकिस्तान जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों की बाधा रहित यात्रा की बात रख सकती है। साथ में, इस्लामाबाद से यह भी कह सकती है कि वह तीर्थयात्रियों को खालिस्तानी अलगाववादियों के प्रोपेगेंडा से बचाए।पिछले साल पाकिस्तान में दो सिख गुरुद्वारों की ओर जाते हुए भारतीय तीर्थयात्रियों को खालिस्तान समर्थक बैनर दिखाए जाने की रिपोर्टें हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय शिष्टमंडल में केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, बीएसएफ, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण और पंजाब सरकार के नुमाइंदे होंगे। बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक को कवर करने के लिए आना चाह रहे पाकिस्तानी पत्रकारों को वीज़ा देने से इनकार करने पर सूत्रों ने कहा कि यह कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं है जिसे प्रचार की जरूरत हो।करतारपुर परियोजना के लिए भारतीय अधिकारियों की पाकिस्तान की यात्रा के बारे में सूत्रों ने बताया कि यह बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक के नतीजों पर निर्भर करता है। गौरतलब है कि भारत द्वारा पाकिस्तान में घुस कर जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविरों पर हवाई हमले करने और उसके बाद पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों मुल्कों के मध्य बढ़े तनाव के बीच यह बैठक हो रही है।सूत्रों ने संकेत दिया कि भारत पाकिस्तान से अपील कर सकता है कि वह भारतीय तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारे तक बिना पासपोर्ट और वीज़ा के जाने की इजाज़त दे। पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ने के लिए गलियारा बनाने को सहमत हुए थे। करतारपुर में सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानक देव ने अपना अंतिम समय बिताया था।करतारपुर साहिब पाकिस्तान के नरोवाल जिले में रावी नदी के पार स्थिति है जो डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से करीब चार किलोमीटर दूर है। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने करतारपुर गलियारे के लिए 50 एकड़ जमीन की पहचान की है। इसका दो चरणों में विकास किया जाएगा।
Check Also
मालखरौदा-सक्ती:- ग्राम पंचायत खेमडा सचिव का मनमानी लापरवाही कार्यशैली से ग्राम पंचायत कार्यालय मे अधिकांश समय लटका रहता है ताला..पंचायत भवन कार्यालय से हमेशा नदारद रहते है सचिव..पंचायत भवन मे अधिकांश समय ताला लटकने एवं सचिव का पंचायत से नदारद रहने के कारण लोग परेशान…सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्य दिवस समय पर उपस्थित रह कर ग्राम पंचायत भवन खोल कर पंचायत के काम काज का संचालन करने सुनिश्चित करवाने हिन्देश एजुकेशन हेल्थ एण्ड वेलफेयर फाउण्डेशन के अध्यक्ष सुनिल कुमार बर्मन ने सीएम हेल्प पोर्टल मे की मांग…
🔊 Listen to this मालखरौदा-सक्ती(एचकेपी 24 न्यूज)।ग्राम पंचायत खेमडा सचिव का मनमानी लापरवाही कार्यशैली से …
HKP24News Online News Portal