मालखरौदा(एचकेपी 24 न्यूज)।स्थानीय जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाला ग्राम पोता में पदस्थ सचिव पर प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी का आरोप लगा था। मामले में उसे दोषी करार दिया गया था।लेकिन जिला पंचायत सीईओ ने सचिव को निलंबित करने की बजाय अभयदान देते हुए जनपद कार्यालय मालखरौदा में संलग्न कर दिया था।मिली जानकारी अनुसार सचिव शत्रुघ्न साहू के विरुद्ध प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राही को व्यक्तिगत द्वेष व भेदभावपूर्ण अपात्र सूची में डालने के संबंध में शासन प्रशासन तक शिकायत पहुंची थी। इस मामले की जांच मालखरौदा के जनपद सीईओ से कराई गई। जांच प्रतिवेदन में जनपद सीईओ ने ग्राम पोता के कृष्ण कुमार सतनामी को प्रधानमंत्री आवास के लिए अपात्र करते हुए शिकायतकर्ता महेश कुमार सारथी को आवास प्रदान करने एवं गलत व्यक्ति मृतक के स्थान पर पंजीकृत संतोषी बाई केंवट से प्रथम किस्त की राशि वसूलने की अनुशंसा की। जांच प्रतिवेदन में यह भी कहा गया कि ग्राम पंचायत पोता के सचिव शत्रुघ्न साहू द्वारा संतोषी बाई को प्रदाय प्रथम किस्त की राशि 35000 रुपए की वसूली कर प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत इलाहाबाद बैंक शाखा मालखरौदा में संचालित खाता क्रमांक 5039 4827 267 में 27 अगस्त 2018 को जमा किया गया है। जांच अधिकारी ने इस प्रकरण में ग्राम पंचायत सचिव शत्रुघ्न साहू को प्रथम दृष्टया दोषी बताया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोषी पंचायत सचिव शत्रुघ्न साहू को तत्काल निलंबित किया जाना था।लेकिन जिला पंचायत सीईओ अजीत बसंत ने उसे अभयदान देते हुए जनपद पंचायत मालखरौदा में संलग्न कर दिया था। अपने आदेश में जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि अंतरिम व्यवस्था के तौर पर पंचायत सचिव को आगामी आदेश पर्यंत जनपद पंचायत कार्यालय में संलग्न किया जाता है। वहीं जिला पंचायत सीईओ पर इस मामले में दोषी सचिव को बचाने का आरोप भी लग रहा था।वही 26 फरवरी को आदेश जारी कर आरोपी सचिव को निलंबित कर जनपद पंचायत मालखरौदा में अटैच किया गया है।
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